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रक्षा
सप्ताह 37, 2026 का करेंट अफेयर्स
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 1.10 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली परिषद ने 7 सितंबर को लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये के अधिग्रहण प्रस्तावों को ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (AoN) दी, जिनमें से लगभग 98% खरीद भारतीय उद्योग से प्रस्तावित है। सेना के लिए रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल व नाभिकीय (CBRN) टोही वाहन तथा उच्च गतिशीलता वाहन शामिल हैं।स्रोत: The Hindu
भारत और श्रीलंका के बीच तीन रक्षा समझौते
राजनाथ सिंह ने 9 सितंबर को कोलंबो में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की; यह किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली श्रीलंका यात्रा है। तीनों समझौते श्रीलंकाई वायुसेना की L70 तोपों के उन्नयन तथा दोनों देशों के कैडेट कोर व राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालयों के बीच सहयोग से संबंधित हैं।स्रोत: The Hindu
भारत-अमेरिका सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ शुरू
वार्षिक भारत-अमेरिका थलसेना अभ्यास का 22वाँ संस्करण 9 से 28 सितंबर तक चलेगा, जिसमें उच्च तुंगता युद्ध, लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता और ड्रोन-रोधी क्षमताओं पर ध्यान है। अलास्का स्थित अमेरिकी सेना के आर्कटिक-प्रशिक्षित सैनिक तथा उसकी तीसरी मल्टी-डोमेन टास्क फ़ोर्स भाग ले रही है।स्रोत: The Hindu
सप्ताह 36, 2026 का करेंट अफेयर्स
INS निपुण भारतीय नौसेना में शामिल
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 अगस्त को मुंबई में INS निपुण को कमीशन किया। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम में निर्मित यह निस्तार श्रेणी का दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल है और पश्चिमी नौसेना कमान में शामिल हुआ है। यह नौसेना के डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल तथा सैचुरेशन डाइविंग क्षमता को संचालित कर सकता है।स्रोत: The Indian Express
भारत में जेवलिन मिसाइल के सह-उत्पादन पर टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स का करार
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और अमेरिकी कंपनियों रेथियॉन व लॉकहीड मार्टिन की साझेदारी ‘जेवलिन ज्वाइंट वेंचर’ ने भारत में जेवलिन ‘ऑल अप राउंड’ मिसाइल के सह-उत्पादन की संभावना तलाशने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इससे कुछ ही दिन पहले सेना ने जेवलिन टैंक-रोधी मिसाइल प्रणाली की खरीद का करार किया था।स्रोत: The Hindu
राजनाथ सिंह ने रक्षा कूटनीति का दस-वर्षीय ढाँचा ‘रक्षा’ जारी किया
रक्षा मंत्री ने 3 सितंबर को यह रणनीतिक दस्तावेज़ जारी किया, जो अगले दस वर्षों के लिए भारत की रक्षा कूटनीति और वैश्विक रक्षा साझेदारियों का खाका प्रस्तुत करता है। इसके स्तंभों में गहरे द्विपक्षीय व बहुपक्षीय संबंध, संयुक्त सैन्य अभ्यास, मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी रक्षा निर्यात और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा शामिल हैं।स्रोत: The Hindu
एयरो इंडिया 2027 येलहंका में 8 फरवरी से
एशिया के सबसे बड़े एयर शो एयरो इंडिया का सोलहवाँ संस्करण 8 से 12 फरवरी 2027 तक बेंगलुरु के वायुसेना स्टेशन येलहंका में होगा। इसका आयोजन रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा किया जाता है; प्रदर्शकों का पंजीकरण 3 सितंबर 2026 से शुरू हुआ।स्रोत: The Hindu
सप्ताह 35, 2026 का करेंट अफेयर्स
भारत ने अमेरिका के साथ जैवलिन मिसाइल खरीद समझौता किया
भारत ने 28 अगस्त को अमेरिका के साथ आशय एवं स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर कर अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री मार्ग से जैवलिन टैंक-रोधी निर्देशित मिसाइल प्रणालियाँ खरीदने का निर्णय लिया। यह खरीद ऑपरेशन सिंदूर के बाद सशस्त्र बलों को दी गई आपात खरीद शक्तियों के तहत हो रही है, जिनमें प्रति उपकरण 300 करोड़ रुपये तक की खरीद की जा सकती है। जैवलिन एक मध्यम दूरी की निर्देशित मिसाइल है, जो बख़्तरबंद वाहनों और सुदृढ़ ठिकानों को निशाना बनाने के लिए बनी है।स्रोत: The Hindu
राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ की मिसाइल तकनीक उद्योग को देने की मंज़ूरी दी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीक भारतीय कंपनियों को हस्तांतरित करने की मंज़ूरी दी। इसका उद्देश्य मिसाइल परियोजनाओं को विकास चरण से औद्योगिक स्तर के उत्पादन तक पहुँचाना है। इससे निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए अवसर बनेंगे और रक्षा तंत्र में भारतीय उद्योग की भागीदारी बढ़ेगी।स्रोत: The Hindu
अभ्यास उदारा शक्ति 2026 में भारतीय और मलेशियाई वायुसेनाएँ साथ आईं
भारतीय वायुसेना और रॉयल मलेशियन वायुसेना ने मलेशिया में द्विवार्षिक द्विपक्षीय सामरिक वायु युद्ध अभ्यास उदारा शक्ति 2026 आयोजित किया। भारतीय वायुसेना ने राफ़ेल लड़ाकू विमानों के साथ सी-17 ग्लोबमास्टर III उतारा, जबकि मलेशियाई वायुसेना ने एसयू-30एमकेएम, एफ/ए-18डी हॉर्नेट और ए400एम एटलस विमान शामिल किए। अभ्यास का मुख्य ज़ोर असमान वायु युद्ध प्रशिक्षण और संयुक्त मिशन नियोजन पर रहा।स्रोत: The Hindu
केंद्र ने रक्षा निर्यात और लाइसेंसिंग नियम आसान किए
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय रक्षा विनिर्माताओं को वैश्विक बाज़ार तक तेज़ी से पहुँचाने के लिए अपने निर्यात और लाइसेंसिंग नियम सरल किए। संशोधित रक्षा निर्यात मानक संचालन प्रक्रिया के तहत अधिकांश गंतव्यों को ग़ैर-घातक रक्षा वस्तुओं के निर्यात के लिए संबंधित मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों से परामर्श की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।स्रोत: The Hindu