श्रेणी
अर्थव्यवस्था और बैंकिंग
सप्ताह 36, 2026 का करेंट अफेयर्स
पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि 7.8%
अप्रैल-जून 2026 में सकल घरेलू उत्पाद 7.8% बढ़ा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 6.9% से अधिक पर जनवरी-मार्च 2026 के 8.6% से कम है। विनिर्माण 9.2% (तीन तिमाहियों का उच्चतम), सेवाएँ 10% और निर्माण क्षेत्र 7.7% बढ़ा, जबकि उच्च आधार के कारण खनन में 2.4% की गिरावट रही।स्रोत: The Hindu
अगस्त में GST संग्रह 1.99 लाख करोड़ रुपये के पार
1 सितंबर को जारी आँकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में सकल वस्तु एवं सेवा कर राजस्व 1,99,853 करोड़ रुपये रहा, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 14.8% अधिक है। आयात से राजस्व 29% बढ़ा जबकि घरेलू लेनदेन से वृद्धि इकाई अंकों में रही; अधिक रिफंड के कारण शुद्ध संग्रह 8.3% ही बढ़ा।स्रोत: The Hindu
पहली तिमाही में चालू खाता घाटा बढ़कर 4.2 अरब डॉलर
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 1 सितंबर को जारी प्रारंभिक आँकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून 2026 में भारत का चालू खाता घाटा बढ़कर 4.2 अरब डॉलर यानी GDP का 0.5% हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 3.4 अरब डॉलर यानी GDP का 0.4% था।स्रोत: The Hindu
RBI की स्वैप सुविधा से 136 अरब डॉलर से अधिक जुटे
सितंबर के पहले सप्ताह में जारी आँकड़ों के अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक की स्वैप सुविधा के तहत विदेशी मुद्रा प्रवाह 136 अरब डॉलर पार कर गया। कुल 1,36,377 मिलियन डॉलर में से 1,27,226 मिलियन डॉलर FCNR(B) जमा से, 5,260 मिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा उधारी (OFCB) से और 3,891 मिलियन डॉलर बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ECB) से आए।स्रोत: The Hindu
NSE को 30,000 करोड़ रुपये के IPO के लिए SEBI की मंजूरी
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस पर पर्यवेक्षण पत्र जारी कर 30,000 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम का रास्ता साफ़ कर दिया। प्रस्तावित जियो प्लेटफ़ॉर्म्स निर्गम के बाद यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा IPO होगा। NSE ने 17 जून को DRHP दाखिल किया था।स्रोत: The Hindu
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की रेटिंग बढ़ाकर ‘A-’ की
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (JCR) ने 2 सितंबर को भारत की साख रेटिंग एक पायदान बढ़ाकर ‘BBB+’ से ‘A-’ कर दी। एजेंसी ने भारत की अपेक्षाकृत उच्च वृद्धि, सरकार की वृद्धि-केंद्रित नीतियों और वित्तीय प्रणाली की बेहतर मजबूती का हवाला दिया। वित्त मंत्रालय ने इसका स्वागत किया।स्रोत: The Hindu
1 सितंबर से वाणिज्यिक LPG और विमान ईंधन महँगा
तेल विपणन कंपनियों ने 1 सितंबर से वाणिज्यिक LPG सिलेंडर का दाम 10 रुपये और विमान टरबाइन ईंधन 6.28 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया, जिससे दो महीने की कटौती का सिलसिला पलट गया। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण नए घरेलू कनेक्शन अब भी रुके हैं और अगस्त में घरेलू LPG खपत लगभग 16% घटी।स्रोत: The Hindu
IRDAI ने सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री पर परामर्श शुरू किया
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने 1 सितंबर को प्रस्तावित सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री पर परामर्श प्रक्रिया शुरू की। यह उद्योग के लिए बीमा संबंधी आँकड़ों का साझा भंडार होगा।स्रोत: The Hindu
अगस्त में विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों ने 3.1 अरब डॉलर लगाए
विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों ने अगस्त 2026 में भारतीय शेयरों में शुद्ध 3.1 अरब डॉलर का निवेश किया, जो लगभग दो वर्षों का सर्वाधिक मासिक प्रवाह है और लंबे समय तक निकासी के बाद लगातार दूसरे महीने की खरीदारी है।स्रोत: The Indian Express
हैदराबाद में टाटा समूह का 70,000 करोड़ रुपये का AI डेटा सेंटर
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 5 सितंबर को घोषणा की कि टाटा समूह, TCS और उसकी सहायक कंपनी हाइपरवॉल्ट हैदराबाद में एक गीगावाट क्षमता का कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा सेंटर बनाएँगे, जिसे देश का सबसे बड़ा बताया गया है। इससे लगभग 7,000 प्रत्यक्ष रोज़गार बनेंगे और लक्ष्य जून 2028 से पहले पूरा करने का है।स्रोत: The Hindu
सप्ताह 35, 2026 का करेंट अफेयर्स
सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 15 वर्ष के उच्चतम स्तर 30.7 अरब डॉलर पर
अप्रैल–जून 2026 में भारत में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 30.7 अरब डॉलर रहा, जो इस तिमाही के लिए 15 वर्षों में सर्वाधिक है। रिज़र्व बैंक के नवीनतम आँकड़ों के विश्लेषण से यह भी पता चला कि जून 2026 में शुद्ध एफडीआई फिर सकारात्मक हो गया और उस महीने आवक निकासी से 1.3 अरब डॉलर अधिक रही।स्रोत: The Hindu
जुलाई में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि घटकर 6.7% रही
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 6.7% बढ़ा, जो जून के 8.8% से कम है। फिर भी यह पिछले दिसंबर के बाद सूचकांक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, जिसे विनिर्माण तथा बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्रों का सहारा मिला।स्रोत: The Hindu
यूपीआई ने दस वर्ष पूरे किए
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा 25 अगस्त 2016 को शुरू किए गए एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस ने एक दशक पूरा कर लिया। वार्षिक लेनदेन की संख्या वित्त वर्ष 2017 के 1.78 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 24,162 करोड़ हो गई — यानी लगभग 13,000 गुना वृद्धि। वित्त मंत्रालय के अनुसार यूपीआई अब 11 देशों में चालू है और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के सबसे सफल स्तंभों में से एक बन गया है।स्रोत: The Hindu
सेबी ने बाज़ार संस्थानों के लिए आईटी सुदृढ़ता सूचकांक शुरू किया
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने एक परिपत्र जारी कर बाज़ार अवसंरचना संस्थानों, जिनमें शेयर बाज़ार और निक्षेपागार शामिल हैं, के लिए सूचना प्रौद्योगिकी सुदृढ़ता सूचकांक शुरू किया। यह सूचकांक इन संस्थानों की आईटी प्रणालियों की मज़बूती बढ़ाने के प्रयास के तहत नौ मानकों पर उनका आकलन करेगा।स्रोत: The Hindu
हवाई अड्डों के निजीकरण के तीसरे चरण को सैद्धांतिक मंज़ूरी
सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के हवाई अड्डा निजीकरण के तीसरे चरण के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी, जिसमें पाँच समूहों में कुल 11 हवाई अड्डे शामिल हैं। विचाराधीन हवाई अड्डों में अमृतसर, कांगड़ा, तिरुचिरापल्ली और तिरुपति शामिल हैं।स्रोत: The Hindu
रिज़र्व बैंक का आवास मूल्य सूचकांक साल-दर-साल 3.6% बढ़ा
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अगस्त को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही का अखिल भारतीय आवास मूल्य सूचकांक जारी किया। सूचकांक में साल-दर-साल 3.6% की वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष की पहली तिमाही के बराबर है, और पिछली तिमाही की तुलना में 1.1% बढ़कर यह 117.5 पर पहुँचा। यह सूचकांक 18 प्रमुख शहरों को शामिल करता है और इसका आधार वर्ष 2022-23 है।स्रोत: Reserve Bank of India
जीएसटी परिषद की बैठक एक वर्ष से अधिक के अंतराल के बाद 12 सितंबर को
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की बैठक 12 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित है, जिससे पहले 11 सितंबर को अधिकारियों की बैठक होगी। राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली इस परिषद की पिछली, 56वीं बैठक 2025 में हुई थी, जिसमें केंद्र और राज्यों ने जीएसटी दरों के बड़े पुनर्गठन पर सहमति दी थी।स्रोत: The Hindu
आरबीआई बुलेटिन: पश्चिम एशिया संघर्ष से कारोबारी धारणा प्रभावित
भारतीय रिज़र्व बैंक के मासिक बुलेटिन ने पश्चिम एशिया संघर्ष को अर्थव्यवस्था के लिए लगातार बनी हुई चुनौती बताया। साथ ही उसने घरेलू माँग को मज़बूत बताते हुए कहा कि वाहन बिक्री और पेट्रोलियम उत्पादों की खपत जैसे संकेतक सकारात्मक दायरे में बने हुए हैं।स्रोत: The Hindu